ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह आरोप सही हैं, तो यह न सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही है बल्कि संभावित भ्रष्टाचार की ओर भी इशारा करता है। पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही अनिवार्य होती है, लेकिन यहाँ प्रक्रिया पर ही प्रश्नचिह्न लग गया है।
अब निगाहें टिकी हैं जनपद पंचायत कटनी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रदीप सिंह पर। ग्रामीणों की मांग है कि वे तत्काल इस पूरे मामले का संज्ञान लें, रिकॉर्ड की जांच कराएं और यदि अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित सचिव और सरपंच पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दें।
यदि पंचायत स्तर पर ही नियमों की अनदेखी होगी, तो ग्रामीण विकास की योजनाओं पर बड़ा सवाल खड़ा होगा। क्या प्रशासन इस मामले में सख्त कदम उठाएगा? यह देखना अहम होगा।





No comments:
Post a Comment