अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण नागरिकों के साथ सीधा संवाद स्थापित कर कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना, अपराधों की रोकथाम हेतु जागरूकता बढ़ाना तथा पुलिस एवं आमजन के मध्य विश्वास को मजबूत करना है।
थाना प्रभारी ढीमरखेड़ा अभिषेक चौबे एवं पुलिस स्टाफ द्वारा ग्राम पंचायत भवनों एवं सार्वजनिक स्थलों पर आयोजित चौपालों में ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया तथा त्वरित निराकरण हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। प्रमुख रूप से अभी तक कोठी, इटौली, बांध, ढीमरखेडा, सनकुई, मुरवारी, सिलाई, देवरी मारवाड़ी, पौड़ीखुर्द, सिमरिया, खमतरा, गूड़ा गांव में ग्राम चौपाल का आयोजन किया जा चुका है।
अभियान के अंतर्गत निम्न विषयों पर विशेष जागरूकता दी गई
साइबर अपराध से बचाव :- ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी साझा न करने संबंधी सावधानियां एवं साइबर हेल्पलाइन 1930 की जानकारी।
महिला एवं बाल सुरक्षा :- घरेलू हिंसा, बाल विवाह, पॉक्सो अधिनियम तथा हेल्पलाइन 1090/1098 के संबंध में जानकारी।
नशामुक्ति अभियान :- अवैध शराब एवं मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव बताते हुए ग्रामीणों को सूचना देने हेतु प्रेरित किया गया।
यातायात जागरूकता :- हेलमेट एवं सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग तथा नाबालिगों द्वारा वाहन न चलाने की समझाइश।
अफवाहों से सावधान :- सोशल मीडिया पर अपुष्ट खबरें साझा न करने एवं शांति बनाए रखने की अपील।
ग्राम चौपाल के दौरान ग्रामीणों को “डायल 112” आपातकालीन सेवा की जानकारी दी गई तथा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया गया। साथ ही पुलिस मित्र बनकर सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करने हेतु भी प्रेरित किया गया।
थाना ढीमरखेड़ा पुलिस द्वारा यह संदेश दिया गया कि पुलिस और जनता के पारस्परिक सहयोग से ही सुरक्षित एवं अपराध मुक्त समाज की स्थापना संभव है। यह जन-जागरूकता अभियान निरंतर जारी रहेगा।





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