तेज खबर न्यूज़ कटनी :- निश्चित ही माता-पिता किसी बच्चे के प्रथम गुरू होते हैं, लेकिन बच्चे को समाज का ज्ञान शिक्षक देता है। शिक्षक को ही छात्र की कमजोरी और ताकत पता होती है और उसी को ध्यान में रखकर वह उसे तराशता है। शिक्षक के तराशे छात्र ही हीरा बनकर चमकते हैं और समाज का नाम रोशन करते हैं। यह बात मप्र राज्य शिक्षक संघ के द्वारका भवन में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह के दौरान प्रदेश सरकार की नगरीय प्रशासन राज्यमंत्री श्रीमति प्रतिमा बागरी ने कही।
राज्य मंत्री ने कहा कि भगवान राम को उनके गुरू वशिष्ठ ने शिक्षा और संस्कार दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा, शिक्षक और शिष्य इन तीनों के तालमेल से ही शिक्षा की गुणवत्ता होती है और हम ऐसा प्रयास करें कि प्रदेश में सरकारी स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए लोगों को निजी स्कूलों की तरह एप्रोच लगानी पड़ने लगे।
कार्यक्रम के अतिथि नर्मदापुरम सांसद दर्शन चौधरी ने राज्य शिक्षक संघ के उत्कृष्ट शिक्षकों के सम्मान कार्यक्रम की प्रशंसा क़ी । उन्होंने कहा कि किसी देश का लंबे समय के लिए विकास चाहिए तो शिक्षा को बढ़ावा सबसे जरूरी है। सांसद चौधरी ने शिक्षकों से शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की बात कही।
इसके पूर्व राज्य शिक्षक संघ के महासचिव विपिन तिवारी ने लगातार सातवें साल आयोजित किए जा रहे संघ के शिक्षक सम्मान समारोह कार्यक्रम पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक टंडन सोनी,डीइओ राजेश अग्रहरि, डीपीसी प्रेमनारायण तिवारी जनपद सीईओ प्रदीप सिंह सहित सुनील उपाध्याय ,रानू साहू , और शैलेंद्र त्रिपाठी ने भी संबोधित किया।
सौ प्रतिशत रिजल्ट पर किया सम्मान
कक्षा दसवीं व बारहवीं में अपने-अपने विषय का परीक्षा परिणाम सौ प्रतिशत देने वाले शिक्षकों का सम्मान किया गया। इसके साथ ही जिले के सेवानिवृत्त और प्राथमिक व माध्यमिक स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों काे भी राज्यमंत्री, सांसद सहित अतिथियों ने प्रशस्ति पत्र, प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान लगभग पांच सौ शिक्षक सम्मानित हुए।
इस मौके पर बी ई ओ मनोज गर्ग, प्रशांत मिश्रा, अनिल चक्रवर्ती ,विनीत मिश्रा, सूर्यकांत त्रिपाठी, राजू सिंह ठाकुर ,रवि सिंह ,विमलेश तिवारी, त्रिलोक सिंह ,पीतांबर शुक्ला ,रमाशंकर तिवारी और बृजेश पटेल आदि मौजूद रहे।





No comments:
Post a Comment