तेज खबर न्यूज़ कटनी :- शासन-प्रशासन के दावों और ठेकेदारों की जुगलबंदी ने विकास कार्यों की कैसी धज्जियां उड़ाई हैं, इसका जीता-जागता सबूत ग्राम पंचायत कैलवारा खुर्द में देखने को मिल रहा है। भिलाई मोड से होते हुए कटाये घाट सबरी माता मंदिर तक जाने वाली लगभग 2 करोड़ रुपये की लागत वाली सड़क निर्माण में भारी भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। हैरान करने वाली बात यह है कि अभी इस नवनिर्मित सड़क पर वाहनों का पहिया थमा भी नहीं है और सड़क की गिट्टियां बिखरना शुरू हो गई हैं।।
डामर या काला खेल? ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने सड़क निर्माण के नाम पर सिर्फ औपचारिकता पूरी की है। सड़क की गुणवत्ता इतनी घटिया है कि लोगों को आशंका है कि इसमें डामर की जगह जले हुए ऑयल (वेस्ट ऑयल) का इस्तेमाल किया गया है
स्थानीय ग्रामीण का ये भी कहना है की सड़क पर डामर की चमक नहीं, बल्कि काले धुएं और जले तेल की बदबू आ रही है। बिना कोई भारी वाहन निकले ही सड़क हाथों से उखड़ रही है। यह सीधे तौर पर जनता के पैसे की डकैती है।"
काम अधूरा छोड़ ठेकेदार 'लापता', PWD विभाग साधे है मौन
भ्रष्टाचार की हद तो तब हो गई जब ठेकेदार काम को आधा-अधूरा और पूरी तरह अव्यवस्थित छोड़कर मौके से नदारद हो गया है। जगह-जगह अधूरी खुदी सड़क और बिखरी गिट्टियां अब सबरी माता मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं और राहगीरों के लिए हादसे का सबब बन रही हैं।
सबसे बड़ा सवाल पीडब्लूडी (PWD) विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहा है। 2 करोड़ रुपये की भारी-भरकम 'सांसद निधि' से बन रही इस वीआईपी सड़क की मॉनिटरिंग करने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर क्यों नहीं पहुंचा? PWD विभाग का यह मौन साफ इशारा करता है कि कहीं न कहीं भ्रष्टाचार के इस काले खेल में अधिकारियों की मूक सहमति तो नहीं है?
तीखे सवाल: जवाब कौन देगा?
- सवाल 1: जब 2 करोड़ रुपये की राशि जनता की सुविधा के लिए स्वीकृत हुई थी, तो तकनीकी इंजीनियरों ने काम की गुणवत्ता की जांच क्यों नहीं की?
- सवाल 2: आधा-अधूरा काम छोड़कर गायब हुए ठेकेदार पर PWD विभाग ने अब तक कोई कानूनी कार्रवाई या ब्लैकलिस्ट करने का नोटिस क्यों नहीं थमाया?
- सवाल 3: क्या सांसद निधि के इस बजट की बंदरबांट में नीचे से लेकर ऊपर तक के अधिकारी शामिल हैं, जो इस 'जले ऑयल' वाली सड़क पर आंखें मूंदे बैठे हैं?
लोग इसे आस्था के साथ जोडकर भी देख रहे है
धार्मिक आस्था के केंद्र सबरी माता मंदिर को जोड़ने वाली इस मुख्य सड़क का यह हाल प्रशासन के मुंह पर तमाचा है। अगर समय रहते PWD विभाग नींद से नहीं जागा और इस घटिया निर्माण को उखाड़कर नए सिरे से गुणवत्तापूर्ण सड़क नहीं बनाई गई, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।





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